जीएसटी चोरी मामले में मल्होत्रा केबल्स के निदेशक की जमानत रद्द

नई दिल्ली/ माल की वास्तविक आपूर्ति के बिना 51 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने मेसर्स मल्होत्रा केबल्स प्राइवेट लिमिटेड (एमसीपीएल), मोतीनगर, दिल्ली के निदेशक राजीव मल्होत्रा की जमानत रद्द कर दी है। यह अपराध केंद्रीय गुड एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट २०१७ की धारा १३२ के तहत दंडनीय है।

मार्च २०१९ में, मोती नगर, नजफगढ़ रोड औद्योगिक क्षेत्र में एमसीपीएल परिसर को कुर्क किया गया था और 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के माल को जनसंपर्क आयुक्त, सीजीएसटी दिल्ली पश्चिम के आदेश पर जब्त किया गया था। विभाग का कहना है कि राजीव मल्होत्रा आदतन अपराधी है। वह पहले से ही इसी तरह के अपराध के लिए जमानत पर है। उन्होंने 7 कंपनियों से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाते हुए 51,53,692/-रुपये का कर अपवंचन किया है जिनमें से 4 कंपनियां नकली हैं । एमसीपीएल ऑटोमोटिव केबल का निर्माण करता है जिसमें तीसरे पक्ष से खरीद कर कच्चे माल के रूप में तांबे की छड़ और तांबे स्क्रैप का उपयोग करता है। कंपनी पर आरोप है कि उसने कई कंपनियों से टैक्स क्रेडिट लिया है और साथ ही कई अन्य पक्षों को माल की वास्तविक आपूर्ति के बिना ऐसे क्रेडिट पारित किया है जो एमसीपीएल से अलग हैं। धोखाधड़ी से प्राप्त इन चालानों के विरुद्ध वे जीएसटी के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाते हैं जिसका आगे तैयार माल की वास्तविक बिक्री के कारण उत्पन्न होने वाली अपनी जीएसटी देयता को निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाता है, अन्यथा उन्हें सांविधिक शुल्क के रूप में नकद भुगतान करना पड़ता। अपराध में यह भी शामिल है कि कई अन्य ऐसी संस्थाएं हैं जिनका पूरा अस्तित्व माल की वास्तविक आपूर्ति के बिना केवल जीएसटी के इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए किया जाता है।

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