राष्ट्रपति कोविंद ने दिलाई प्रधानमंत्री के साथ 57 मंत्रियों को शपथ, मोदी सरकार ने संभाला कार्यभार

नई दिल्ली/ लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और अपनी नई सरकार में 57 मंत्रियों को शामिल किया जिनमें 24 कैबिनेट मंत्री हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित भव्य समारोह में सबसे पहले मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जिसके बाद मंत्रिपरिषद में उनके सहयोगियों ने शपथ ली। शपथ लेने वालों में 33 राज्य मंत्री हैं जिनमें नौ स्वतंत्र प्रभार के मंत्री हैं। मंत्रिपरिषद में 20 नए चेहरे और छह महिलाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार में अमित शाह को गृह मंत्रालय और राजनाथ को रक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता ने इस आशय की जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, परमाणु ऊर्ज़ा एवं महत्वपूर्ण नीति से जुड़े मुद्दों वाले तथा बिना आवंटित विभाग रहेंगे । पूर्व विदेश सचिव रहे एस जयशंकर भारत के नए विदेश मंत्री बनाए गए हैं। अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी को महिला एवं बाल विकास तथा कपड़ा मंत्रालय मिला । पीयूष गोयल फिर से रेल मंत्री बनाए गए हैं । निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय का प्रभार दिया गया है जबकि प्रकाश जावड़ेकर को सूचना एवं प्रसारण तथा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय दिया गया है। राष्ट्रपति भवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नितिन गडकरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बने रहेंगे। धर्मेन्द्र प्रधान के पास पेट्रोलियम मंत्रालय बना रहेगा । राम विलास पासवान उपभोक्ता मामलों के मंत्री बने रहेंगे। नरेंद्र सिंह तोमर नए कृषि मंत्री होंगे, उनके पास ग्रामीण विकास मंत्रालय भी रहेगा। रविशंकर प्रसाद दूरसंचार के अलावा विधि एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री होंगे जबकि रमेश पोखरियाल निशंक नए मानव संसाधन विकास मंत्री होंगे ।

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली सरकार के 37 सदस्यों को दोबारा मंत्री बनाया है। पिछली बार वित्त मंत्री रहे अरूण जेटली और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में नहीं आ पाए हैं। पिछली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे जगत प्रकाश नड्डा, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह , महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी और वाणिज्य और नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु को इस बार जगह नहीं मिली है। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की भारी जीत में अहम भागीदार रहे जनता दल (यू) ने मोदी सरकार में शामिल नहीं होकर सभी को चौंका दिया। अन्य सहयोगी दलों में अपना दल को भी सरकार से बाहर रखा गया है जबकि शिव सेना, शिरोमणि अकाली दल , लोक जनशक्ति पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया से एक-एक सदस्य को मंत्री बनाया गया है। पिछली सरकार के 10 कैबिनेट, 4 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और 23 राज्य मंत्रियों को नई मंत्रिपरिषद में जगह नहीं मिल पाई है। नई सरकार में पासवान सबसे अधिक 72 वर्ष के हैं जबकि नए चेहरे कैलाश चौधरी सबसे कम 40 वर्ष के हैं। मंत्रिपरिषद की औसत उम्र है 59 वर्ष के करीब है।

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