अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस : कूनो राष्ट्रीय पार्क में आज मुख्यमंत्री छोड़ेंगे 3 चीते !

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंटरनेशनल चीता डे के अवसर पर कुनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता वीरा और उसके दो 10 माह के शावकों को जंगल में छोड़ेंगे।

शिवपुरी, 4 दिसंबर 2025 !  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंटरनेशनल चीता डे के अवसर पर कुनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता वीरा और उसके दो 10 माह के शावकों को जंगल में छोड़ेंगे।

कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण श्योपुर व शिवपुरी के कलेक्टर, एसपी और वन विभाग की टीम ने किया। सुरक्षा, ट्रैकिंग सिस्टम और निगरानी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। कूनो में वर्तमान में 29 चीते हैं, जिनमें 16 पहले से फ्री-रेंज क्षेत्र में हैं।

यह छोड़ने की प्रक्रिया परोंड वन क्षेत्र में की जाएगी, जो कुनो राष्ट्रीय उद्यान के भीतर एक निर्धारित पर्यटन ज़ोन है। अधिकारियों ने बताया कि चीता परिवार को जंगल में छोड़ने से इको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा और प्रोजेक्ट चीता, जो कि भारत में इस प्रजाति को पुनर्स्थापित करने की पहल है, के प्रति जन-सहभागिता भी बढ़ेगी।

जंगल में छोड़े जाने के बाद इन जानवरों की उन्नत रेडियो-ट्रैकिंग सिस्टम और समर्पित फील्ड टीमों की मदद से लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और वे प्राकृतिक परिवेश में सहज रूप से घुल-मिल सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री 2026 के लिए कुनो राष्ट्रीय उद्यान का कैलेंडर भी जारी करेंगे और कुनो राष्ट्रीय उद्यान में मुक्त विचरण करने वाले चीतों के क्लीनिकल प्रबंधन के लिए तैयार किए गए नए फील्ड मैनुअल का भी विमोचन करेंगे। इसके अतिरिक्त, पार्क में बनाए गए नए सुविनियर शॉप का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री के हाथों होगा, जिसका उद्देश्य पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाना और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इस कार्यक्रम का आयोजन अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (APCCF) और लायन प्रोजेक्ट, मध्यप्रदेश के निदेशक के निर्देशन में किया जा रहा है।

ज्ञातव्य है कि भारत में चीते अत्यधिक और लापरवाह शिकार के कारण विलुप्त हो गए थे। प्रोजेक्ट चीता का पहला चरण 2022 में चीता आबादी को पुनर्स्थापित करने के लिए शुरू किया गया, जिन्हें 1952 में देश में आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित किया गया था। यह परियोजना NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) द्वारा मध्यप्रदेश वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के सहयोग से लागू की गई  जिसके तहत दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से चीतों को कुनो राष्ट्रीय उद्यान में लाया गया।