
श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी 62 का बाधामय प्रक्षेपण !
आज सुबह श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी 62 का 64वाँ प्रक्षेपण किया गया। लेकिन प्रक्षेपण के बाद उड़ान, जिसमें एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (ईओएस-एन1) और 14 अन्य वाणिज्यिक पेलोड शामिल थे, को पीएस3 चरण के अंतिम हिस्से में एक तकनीकी असामान्यता का सामना करना पड़ा।
हैदराबाद, 12 जनवरी 2026 ! आज सुबह श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी 62 का 64वाँ प्रक्षेपण किया गया। लेकिन प्रक्षेपण के बाद उड़ान, जिसमें एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (ईओएस-एन1) और 14 अन्य वाणिज्यिक पेलोड शामिल थे, को पीएस3 चरण के अंतिम हिस्से में एक तकनीकी असामान्यता का सामना करना पड़ा।
इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि पीएसएलवी एक चार-चरणीय प्रक्षेपण यान है, जिसमें दो ठोस ईंधन चरण और दो द्रव ईंधन चरण होते हैं। उन्होंने कहा कि तीसरे चरण के अंत तक यान का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप रहा। किन्तु जब तीसरा चरण पूर्ण होने को था, तभी यान की रोल दर (घूर्णन गति) में अपेक्षाकृत अधिक गड़बड़ी देखी गई, जिसके बाद उड़ान पथ में विचलन दर्ज किया गया। इसरो-अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है। इस विचलन के बाद मिशन अपने निर्धारित लक्ष्य (उपग्रहों को तय कक्षा में स्थापित करना) हासिल कर पाया या नहीं, इस पर इसरो ने अभी पुष्टि नहीं की है। अंतिम स्थिति इसरो की विस्तृत समीक्षा के बाद ही स्पष्ट होगी।
इससे पहले, 44.4 मीटर ऊँचे, चार-चरणीय पीएसएलवी-सी62 रॉकेट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी थी। यह रॉकेट एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह के साथ-साथ देशी और विदेशी ग्राहकों के लिए 14 अन्य वाणिज्यिक पेलोड लेकर सफलतापूर्वक जा चुका है।
