सूरत में नकली घी फैक्ट्री का भंडाफोड़, 319 किलो घी जब्त

– 1200 रुपये वाला घी 300 में बेच रहा था आरोपी, सोयाबीन ऑयल और केमिकल एसेंस से बनता था नकली घी

सूरत में मिलावटखोरों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शहर के लसकाणा इलाके में पुलिस और फूड एंड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तबेले की आड़ में चल रहे नकली घी के कारखाने का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 319 किलो से अधिक नकली घी और 856 किलो वेजिटेबल/सोयाबीन ऑयल जब्त किया गया है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लसकाणा गांव में आहीर समाज की वाड़ी के पीछे स्थित पिठाभाई के तबेले में ‘शुद्ध घी’ के नाम पर बड़े पैमाने पर मिलावटी घी तैयार किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए 5 जनवरी को लसकाणा पुलिस ने फूड एंड सेफ्टी अधिकारियों के साथ मिलकर वहां छापा मारा।
जांच में सामने आया कि आरोपी अल्पेश ईश्वरभाई सांथलिया (उम्र 30, निवासी साईनाथ सोसायटी, कामरेज चार रास्ता) अधिक मुनाफे के लालच में वेजिटेबल और सोयाबीन ऑयल में केमिकल एसेंस मिलाकर घी जैसा पदार्थ तैयार करता था। घी की खुशबू लाने के लिए विशेष एसेंस का इस्तेमाल किया जाता था। इतना ही नहीं, तबेले में बनने वाले थोड़े से असली घी को भी इस मिश्रण में मिलाकर ग्राहकों को धोखा दिया जा रहा था।

छापे के दौरान 319.54 किलो नकली घी (कीमत लगभग 79,885 रुपये), 856 किलो वेजिटेबल/सोयाबीन ऑयल (कीमत 1,25,600 रुपये), एसेंस और अन्य सामग्री (कीमत 6,380 रुपये) जब्त की गई। कुल मिलाकर करीब 2.11 लाख रुपये का मुद्दामाल पुलिस ने कब्जे में लिया है।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह इस नकली घी को “तबेले का शुद्ध घी” बताकर बेचता था। बाजार में 1200 रुपये किलो बिकने वाला घी वह छोटी दुकानों को मात्र 300 रुपये किलो में सप्लाई करता था, जबकि दूध खरीदने आने वाले ग्राहकों को 500 रुपये किलो के भाव पर यही घी बेचता था।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फूड एंड सेफ्टी विभाग ने घी के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह नकली घी शहर की किन-किन दुकानों और होटलों तक पहुंचा। कार्रवाई के बाद मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बेहद सस्ते दाम पर मिलने वाली खाद्य सामग्री की शुद्धता को लेकर सतर्क रहें।