डुमस समुद्र में डीजल चोरी का बड़ा रैकेट उजागर, 75 से ज्यादा ड्रम जब्त

मध्य समुद्र में जहाजों से पाइपलाइन के जरिए होती थी चोरी, कार्रवाई के दौरान समुद्री गिरोह फरार

सूरत. सूरत के नजदीक डुमस समुद्री क्षेत्र में सक्रिय चांचियागिरी (समुद्री चोरी) करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य समुद्र में लंगर डाले खड़े बड़े जहाजों से मशीनरी के जरिए डीजल चोरी किए जाने के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 75 से अधिक ड्रम डीजल जब्त किए हैं। हालांकि, कार्रवाई के दौरान गिरोह के सदस्य समुद्र के टापू के जंगलों में फरार हो गए।

सूत्रों के अनुसार, हजीरा पोर्ट और मडल्ला पोर्ट पर उद्योगों के लिए आने वाले बड़े जहाज अक्सर मध्य समुद्र में खड़े रहते हैं। इन्हीं जहाजों को निशाना बनाकर लंबे समय से डीजल और अन्य सामान की चोरी की जा रही थी। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गेहलोत को शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद सूरत एसओजी को जांच सौंपी गई।
डीसीपी राजदीपसिंह नकुम के मार्गदर्शन में पीआई अतुल सोनारा की अगुवाई में एसओजी की टीम ने लंबे समय तक मध्य समुद्र और टापू क्षेत्रों में निगरानी रखी। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य जहाजों पर इलेक्ट्रिक मोटर लगाकर पाइपलाइन के जरिए डीजल खींचते थे और उसे अपनी नावों में छोटे ड्रमों में भरकर सस्ते दामों में अवैध रूप से बेचने की फिराक में रहते थे।

एसओजी पुलिस ने मध्य समुद्र के एक टापू के किनारे से लावारिस हालत में डीजल से भरे 75 से अधिक ड्रम बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। फिलहाल सभी मुद्देमाल जब्त कर लिए गए हैं और फरार आरोपियों की तलाश में जांच तेज कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि समुद्र में सक्रिय इस चांचिया गिरोह से जुड़ी कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित करने की तैयारी की जा रही है। इस पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गेहलोत द्वारा जल्द ही आधिकारिक जानकारी दिए जाने की संभावना है।