नाम बदला, ठिकाने बदले, पहचान मिटाई… लेकिन 23 साल बाद क्राइम ब्रांच के जाल से नहीं बच सका फरार आरोपी

सूरत. क्राइम ब्रांच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सूरत शहर में गंभीर अपराध को अंजाम देकर पिछले 23 साल से फरार चल रहे कुख्यात आरोपी को आखिरकार क्राइम ब्रांच पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार नाम और पहचान बदलता रहा, लेकिन कानून की नजर से ज्यादा दिन बच नहीं सका।

पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्ष 2003 में दर्ज संगीन अपराध के बाद सूरत छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उसने अपना मूल ठिकाना भी छोड़ दिया और महाराष्ट्र के अकोला जिले में मजदूरी करते हुए गुमनाम जिंदगी जीने लगा। लंबे समय तक फरार रहने के कारण यह मामला सूरत क्राइम ब्रांच के लिए चुनौती बना हुआ था।

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई उस वक्त तेज हुई जब गुप्त सूचना मिली कि आरोपी महाराष्ट्र में छिपा हुआ है। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और सही मौके पर उसे हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन पूछताछ में सूरत के पुराने क्राइम केस में उसकी संलिप्तता स्पष्ट हो गई। आरोपी को महाराष्ट्र से सूरत लाकर संबंधित पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

23 साल तक फरार रहकर पुलिस को चकमा देना आरोपी की रणनीति रही, लेकिन सूरत क्राइम ब्रांच पुलिस की सतर्कता और निरंतर निगरानी ने आखिरकार उसे कानून के शिकंजे में ला ही दिया।

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