फूड टेस्टिंग नहीं, ड्रग्स मेकिंग! सूरत के शॉपिंग मॉल में चल रही थी MD फैक्ट्री, लंदन कनेक्शन से पुलिस भी सन्न

सूरत में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान SOG ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पुलिस से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया है। शहर के पावर्ट पाटिया इलाके में स्थित एक कमर्शियल मॉल के भीतर फूड टेस्टिंग लैब की आड़ में हाई प्योरिटी क्रिस्टल मेफेड्रोन (MD ड्रग्स) बनाने की गुप्त फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। इस रैकेट का सीधा ‘लंदन कनेक्शन’ सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान है।

यह पूरा मामला तब उजागर हुआ, जब SOG ने अमरोली के छपराभाठा रोड से 21 वर्षीय जील भूपतभाई ठुम्मर को 236.780 ग्राम MD ड्रग्स के साथ पकड़ा। कड़ी पूछताछ में जील ने कबूल किया कि यह ड्रग्स किसी बाहरी राज्य से नहीं, बल्कि सूरत शहर के भीतर ही एक प्राइवेट लैब में तैयार किया गया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद SOG ने जांच का दायरा बढ़ाया।

जांच की कड़ियां पावर्ट पाटिया वेसू कैनाल रोड स्थित पोलारिस शॉपिंग सेंटर तक पहुंचीं, जहां ‘डिक्रिया फूड एंड फार्मा एनालिटिकल लैबोरेटरी’ के नाम से चल रही यूनिट पर SOG ने छापा मारा। अंदर की जांच में अत्याधुनिक मशीनरी और खतरनाक केमिकल्स मिले, जिनका इस्तेमाल हाई प्योरिटी क्रिस्टल मेफेड्रोन तैयार करने में किया जा रहा था। फूड टेस्टिंग के नाम पर चल रही यह लैब असल में एक ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट निकली।

सबसे चौंकाने वाला पहलू इस मामले का ‘लंदन कनेक्शन’ है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस फैक्ट्री का असली मास्टरमाइंड जनक जादाणी, जो फिलहाल लंदन में बैठा है, वहीं से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। लंदन से ही इस लैब को फाइनेंशियल मदद और तकनीकी गाइडेंस दी जा रही थी। विदेश में बैठकर सूरत के युवाओं को नशे के जाल में फंसाने की यह अंतरराष्ट्रीय साजिश मानी जा रही है।

SOG ने इस मामले में ड्रग्स बनाने वाले मुख्य आरोपी ब्रिजेश व्रजलाल भालोड़िया (28) को गिरफ्तार किया है, जो पेशे से सीनियर लैब टेक्नीशियन है। उसके साथ खुशाल वल्लभभाई राणपरिया (27) और भरतभाई उर्फ भाणो दामजीभाई लाठिया (32) को भी दबोचा गया है। ब्रिजेश अपनी केमिकल नॉलेज का दुरुपयोग कर हाई क्वालिटी मेफेड्रोन तैयार करता था, जिसे लंदन स्थित हैंडलर के इशारे पर बाजार में सप्लाई किया जाता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से भारी मात्रा में मुद्दामाल जब्त किया है। इसमें 200 ML मिक्स केमिकल (₹20,000), 1 लीटर HB केमिकल, 5 लीटर H₂SO₄, मिथाइल अमाइन जैसे ज्वलनशील केमिकल्स, वैक्यूम ओवन (₹25,000), वैक्यूम पंप (₹20,000), ओवरहेड स्टिरर, डिजिटल वेट मशीन सहित कुल ₹2,92,050 का सामान शामिल है। इसके अलावा ₹50,850 कीमत का 16.950 ग्राम तैयार मेफेड्रोन ड्रग्स भी बरामद किया गया है। पहले पकड़े गए ड्रग्स को मिलाकर कुल बरामदगी करीब 20 लाख रुपये आंकी जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लंदन बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए पुलिस 3 मोबाइल फोन (कीमत ₹1,15,000) समेत डिजिटल सबूतों की गहन जांच कर रही है। जांच में और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।