
सूरत के स्कूलों में अब एआई की क्लास, 12 सुमन हाईस्कूल बनेंगे हाईटेक लर्निंग सेंटर
– स्थायी समिति की मुहर, एआई–रोबोटिक्स–ड्रोन से जुड़ेंगे 15 हजार से ज्यादा छात्र
सूरत. डिजिटल इंडिया और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए सूरत महानगरपालिका ने स्कूली शिक्षा में तकनीकी क्रांति की रफ्तार तेज कर दी है। शुक्रवार को मनपा की स्थायी समिति की बैठक में मनपा संचालित छह और सुमन हाईस्कूलों में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही शहर के कुल 12 सुमन हाईस्कूल अब टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा के केंद्र बन जाएंगे।
मनपा प्रशासन के मुताबिक, पहले चरण में 18 सुमन हाईस्कूलों में से छह स्कूलों में एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और 3-डी प्रिंटिंग से जुड़ी 12 एआई लैब स्थापित की गई थीं। अब स्थायी समिति की हरी झंडी के बाद छह और स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। इस पहल के जरिए अब तक शहरी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 11 हजार से अधिक विद्यार्थियों और 230 से ज्यादा शिक्षकों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
मनपा का दावा है कि राज्य में पहली बार माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर इस तरह की एडवांस टेक्नोलॉजी को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने की पहल सूरत महानगरपालिका ने की है। एआई लैब में विद्यार्थियों को कोडिंग, समस्या समाधान, नवाचार और क्रिएटिव सोच पर आधारित शिक्षा दी जा रही है। एआर-वीआर तकनीक के माध्यम से डिजिटल मॉडलिंग और प्रैक्टिकल लर्निंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि छात्र भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स विकसित कर सकें।
इस पहल का असर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी नजर आने लगा है। सुमन हाईस्कूलों के छात्र इसरो, अहमदाबाद में आयोजित डब्ल्यूएसआरओ प्रतियोगिताओं में भाग लेकर शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, जबकि एक टीम का चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भी हुआ है।
मनपा ने वर्ष 2025-26 में सात नई सुमन हाईस्कूलों में एआई और एआर-वीआर लैब शुरू करने की कार्ययोजना भी तैयार की है। इससे करीब 4 हजार नए विद्यार्थियों और 55 शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम सूरत को देश के अग्रणी टेक्नोलॉजी-आधारित शहरों की कतार में खड़ा कर रहा है।
