पिता का साया खो चुकी 133 ‘कोयलड़ी’ बेटियों का 20-21 दिसंबर को विवाह

सर्व धर्म, सर्व जाति की बेटियों का एक ही मंडप में होगा कन्यादान

* विवाह समारोह के पहले दिन 20 दिसंबर को श्रेष्ठ सासुओं के हाथों होगा दीप प्रज्वलन

* वल्लभभाई सवाणी और महेशभाई सवाणी के जीवनचरित्र तथा बेटियों के भावनात्मक पत्रों की पुस्तक का होगा विमोचन

* 21 दिसंबर को जीवनदीप ऑर्गन डोनेशन संस्था के लिए अपने स्वजनों के अंगदान की अनुमति देने वाले अंगदाता परिवार की मां, बेटी, बहन व पत्नी के हाथों होगा दीप प्रज्वलन

* कन्यादान से पहले ही सभी दंपतियों के थैलेसीमिया टेस्ट कराए गए

* जिन बेटियों के भाई नहीं हैं, उनके लिए सवाणी परिवार के बेटे भाई की भूमिका निभाएंगे

* सेवा संगठन परिवार की मोबाइल एप्लिकेशन का होगा लॉन्चिंग

सूरत. पिता का साया खो चुकी बेटियों के लिए पिछले 18 वर्षों से भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने वाला सूरत का सेवाभावी पी.पी. सवाणी परिवार इस वर्ष भी 20 और 21 दिसंबर को दो दिवसीय आयोजन में 133 बेटियों का कन्यादान करेगा। अब तक 5539 बेटियों को ससुराल विदा कर चुका पी.पी. सवाणी परिवार राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्षभाई संघवी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा, केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटील, मनसुखभाई मांडविया, नीमूबेन बांभणिया सहित राजनीतिक, प्रशासनिक, सामाजिक व औद्योगिक जगत के कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में इन बेटियों का कन्यादान करेगा।

विवाह पांच फेराना” से शुरू होकर इस वर्ष ‘कोयलड़ी’ नाम से आयोजित यह विवाह समारोह कई मायनों में अनोखा होता है। पी.पी. सवाणी परिवार के महेशभाई सवाणी अब तक हजारों पिता विहीन बेटियों के पालक पिता बन चुके हैं। पी.पी. सवाणी परिवार द्वारा अब तक 5539 बेटियों का कन्यादान किया गया है। पिछले 18 वर्षों से निरंतर जलते इस सेवा यज्ञ से प्रेरित होकर राज्य और राज्य से बाहर भी कई संस्थाएं ऐसे सामूहिक कन्यादान समारोह आयोजित कर रही हैं।

‘कोयलड़ी’ विवाह समारोह की जानकारी देने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महेशभाई सवाणी ने बताया कि अब तक जाति, धर्म और समाज की दीवारें तोड़ते हुए एक ही छत के नीचे 5539 बेटियों का कन्यादान किया गया है। यह स्वस्थ समाज का श्रेष्ठ उदाहरण है। इस वर्ष भी मुस्लिम, ईसाई, दिव्यांग सहित 37 जातियों की, 4 राज्यों और 17 जिलों की 133 बेटियों का विवाह कराया जाएगा। मुस्लिम, ईसाई और हिंदू विधि से विवाह संपन्न होंगे। दलित, आदिवासी, ब्राह्मण या जैन सभी बेटियां हमारे आंगन में समान हैं, यहां सच्चे भारत की झलक देखने को मिलेगी।

महेशभाई सवाणी ने कहा कि वे केवल कन्यादान और भेंट सौगात देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पिता के रूप में हर जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करते हैं। हमारे इस कार्य को अनेक लोगों के सहयोग और बेटियों-माताओं के आशीर्वाद मिला है।

विवाह समारोह में मुस्लिम बेटियों का निकाह, जबकि ईसाई और हिंदू बेटियों का विवाह उनके-अपने रीति-रिवाजों से होगा। सवाणी परिवार के बेटे मितुल, मोहित, स्नेह, कुंज और मोनार्क जिन बेटियों के भाई नहीं हैं, उनके सगे भाई की तरह सभी रस्में निभाएंगे।

पी.पी. सवाणी परिवार सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय है। बेटियों और दामादों का एक ‘सेवा संगठन’ भी बनाया गया है, ताकि बेटियों को भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई न झेलनी पड़े। यदि दुर्भाग्यवश कोई बेटी विधवा होती है तो संगठन आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी उठाता है। बच्चों के स्नातक होने तक सभी खर्च सेवा संगठन वहन करता है।

पी.पी. सवाणी ट्रस्ट द्वारा संचालित सेवा संगठन आज 11,000 से अधिक बेटी-दामादों का परिवार बन चुका है। सेवा संगठन की मोबाइल एप में डॉक्टर, वकील, शिक्षक और मार्गदर्शन टीम की जानकारी उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर नजदीकी सदस्य से संपर्क भी संभव होगा। सदस्य अपने व्यवसाय की जानकारी भी साझा कर सकेंगे। एप का लोकार्पण मुख्यमंत्री के करकमलों से होगा।

कोयलड़ी विवाह समारोह की शुरुआत 13 दिसंबर को रास-गरबा से हुई। इस वर्ष गुजरात की छह प्रसिद्ध गायिकाओं अल्पा पटेल, प्रीति पाठक, नेहा कुंभाणी, संगीता पटेल, अपेक्षा पंड्या और सोनल बारोट ने कोयलड़ी का टाइटल ट्रैक तैयार किया है। उर्वशी रादडिया और विवेक सांसला ने वर – वधू के परिवारों को गरबे की धुन पर नचाया था। संगीत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत, सूरत रेंज आईजी प्रेमवीर सिंह और एसपी राजेशभाई गढ़िया उपस्थित रहे।

18 दिसंबर को नौ महिला आईपीएस, दो महिला आईएएस, चार आईपीएस और आईएएस और तीन समाज अग्रणी की पत्नियों की उपस्थिति में मेहंदी रस्म आयोजित होगी। मनीष वघासिया, अंकिता मुलानी , डॉ. जय वशी जैसे मोटिवेशनल वक्ता वर और वधू के परिवारों के साथ संवाद भी करेंगे। इस अवसर पर सूरत मनपा आयुक्त शालिनी अग्रवाल, डीडीओ शिवानी गोयल, महिला आईपीएस शैफाली बरवाल, डॉ.निधि ठाकुर, बिशाखा जैन, अनुपम बेन, पन्ना बेन मोमैया के साथ ही जीपीएस केडर की कानन बेन देसाई, जुली कोठिया, भक्ति डाभी के साथ ही महिला अग्रणी, संध्यासिंह गहलोत, रागिनी पारघी, चित्रा प्रेमवीर सिंह, हर्षा गढ़िया, जिया शैलेश परमार, तृप्ति देसाई, पल्लवी घेलानी, हर्षा पटेल उपस्थित रहकर बेटियों की मेहंदी रस्म में सहभागी होंगे ।

– पद्मश्री के हाथों तीन पुस्तकों का विमोचन
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में एक नई क्रांति निर्माण करने वाले पी.पी.सवाणी ग्रुप के
वल्लभभाई पी. सवाणी के जीवन पर आधारित और शैलेश भाई सगपारिया द्वारा लिखित पुस्तक “आरोहण”, महेशभाई वी. सवाणी के जीवन पर आधारित लेखक डॉ. जितेंद्र भाई अढीया द्वारा लिखित पुस्तक “प्रेरणामूर्ति” और बेटियों की संवेदनाओं को समेटती पुस्तक “कोयलड़ी” का संयुक्त विमोचन पद्मश्री विभूतियों कनुभाई टेलर, मथुर भाई सवाणी, भीखू दान गढ़वी, डॉ.विष्णु पंड्या, अब्दुल गफूर खत्री, शाहबुद्दीन राठौड़, यजदी करंजिया, रमिला गामित, सवजी भाई धोलकिया, परेशभाई राठवा, डॉ.जगदीश त्रिवेदी, डॉ. यजदी इटालिया के हाथों किया जाएगा।

– बेटियों को हनीमून, माताओं को धार्मिक यात्रा

हर बेटी को विवाह के बाद कुल्लू-मनाली हनीमून पर भेजा जाता है। विभिन्न धर्म और जाति के नवदंपती साथ यात्रा कर आपसी समझ और भाईचारे को बढ़ाते हैं। साथ ही दोनों परिवारों की माताओं को अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और छपैया की धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। मुस्लिम बेटियों के लिए उमराह यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा।

– विवाह से पहले थैलेसीमिया जांच अनिवार्य

स्वस्थ भविष्य के लिए सभी दंपतियों की थैलेसीमिया जांच कराई गई, उसके बाद ही विवाह समारोह की विधियां शुरू की गई।

– घर के पास विवाह की सुविधा

भावनगर और अमरेली जिले की 22 बेटियों का विवाह अमरेली जिले के मकेड़ा गांव में ही कराया गया, ताकि उन्हें दूर सूरत आने में परेशानी न हो। ऐसी एक बेटी का विवाह गारियाधार में किया गया। दोनों ही जगह कन्यादान के लिए स्वयं महेशभाई सवाणी उपस्थित रहे थे।