
साइबर ठगी के नेटवर्क में फँसे 27 भारतीय नागरिक म्यांमार से सुरक्षित बचाकर लाये गए !
झूठे नौकरी के वादों के जरिए म्यांमार ले जाए गए और वहाँ साइबर ठगी के अवैध नेटवर्क में जबरन काम कराने के लिए मजबूर किए गए 27 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाकर भारत वापस लाया गया है। बचाए गए सभी नागरिक शनिवार को दिल्ली पहुँचे जहाँ आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद उन्हें उनके अपने-अपने गृह राज्यों के लिए रवाना कर दिया गया, ताकि वे लंबे समय बाद अपने परिवारों से मिल सकें।
नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026! झूठे नौकरी के वादों के जरिए म्यांमार ले जाए गए और वहाँ साइबर ठगी के अवैध नेटवर्क में जबरन काम कराने के लिए मजबूर किए गए 27 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाकर भारत वापस लाया गया है। बचाए गए सभी नागरिक शनिवार को दिल्ली पहुँचे जहाँ आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद उन्हें उनके अपने-अपने गृह राज्यों के लिए रवाना कर दिया गया, ताकि वे लंबे समय बाद अपने परिवारों से मिल सकें।
इन फँसे हुए भारतीय नागरिकों को आकर्षक नौकरी के झूठे आश्वासन देकर बहकाया गया था और बाद में उन्हें म्यांमार सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी के जरिए पहुँचाया गया। वहाँ उन्हें जबरदस्ती, शारीरिक उत्पीड़न और साइबर ठगी के संचालन में जबरन शामिल किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इन भारतीय नागरिकों को विदेश में आकर्षक वेतन और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर फर्जी नौकरी प्रस्तावों के माध्यम से फँसाया गया था। नौकरी दिलाने का दावा करने वाले एजेंटों ने शुरुआत में उन्हें वैध रोजगार का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में उन्हें मानव तस्करी के जरिए म्यांमार सीमा क्षेत्र में ले जाया गया।
म्यांमार पहुँचने के बाद इन नागरिकों से उनके पासपोर्ट और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। उन्हें कठोर निगरानी में रखा गया और साइबर ठगी से जुड़ी अवैध गतिविधियों में काम करने के लिए मजबूर किया गया।सूत्रों के मुताबिक, जो लोग आदेश मानने से इनकार करते थे, उनके साथ शारीरिक हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और धमकियों का सहारा लिया जाता था। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया गया और बाहर निकलने या किसी से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी जाती थी।
इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद भारतीय दूतावास और संबंधित सरकारी एजेंसियों ने समन्वय बनाकर बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए इन नागरिकों को साइबर अपराध गिरोहों के चंगुल से बाहर निकाला गया और सुरक्षित रूप से भारत लाया गया।
दिल्ली पहुँचने पर कई बचाए गए नागरिक भावुक दिखाई दिए। उन्होंने भारत सरकार और बचाव में शामिल एजेंसियों के प्रति आभार जताया। उनके परिवारों ने भी राहत की साँस ली है, जो लंबे समय से अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे थे।
सरकारी सूत्रों ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले अनजान या संदिग्ध प्रस्तावों से सावधान रहें। विशेष रूप से सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से दिए जा रहे आकर्षक ऑफर्स की पूरी तरह जाँच-पड़ताल करने के बाद ही कोई कदम उठाएँ।
