सूरत। तापी रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में आज रंग, संस्कृति और उमंग का अद्भुत संगम देखने को मिला। रेशमी डोरियों के सहारे सात समंदर पार से आए मेहमानों के सपने सूरत के आसमान में उड़ान भरते नजर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते विदेशी पतंगबाज और आकाश में लहराती रंग-बिरंगी पतंगों ने यह साबित कर दिया कि भले ही भाषाएं अलग हों, लेकिन ‘पेच’ लड़ाने का आनंद सबका एक ही होता है।
अडाजण रिवरफ्रंट पर आयोजित इस भव्य महोत्सव में सुबह से ही सूरत का आसमान विभिन्न आकार और रंगों की पतंगों से ढक गया, जिसे देखकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राज्य पर्यटन विभाग और सूरत महानगरपालिका के संयुक्त उपक्रम से आयोजित इस महोत्सव में इस वर्ष कुल 94 पतंगबाज अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इनमें बहरीन, कोलंबिया, फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड सहित विभिन्न देशों से आए 45 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वहीं भारत के विभिन्न राज्यों से 20 पतंगबाज और गुजरात के 29 स्थानीय पतंगबाज भी अपनी विशिष्ट और अनोखी पतंगों के साथ महोत्सव में हिस्सा ले रहे हैं।
रंगीन पतंगों, सांस्कृतिक विविधता और उत्सवपूर्ण माहौल से सजा यह अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव सूरत के तापी रिवरफ्रंट को वैश्विक पहचान दिला रहा है।