सूरत. यहां के डींडोली क्षेत्र में 12वीं साइंस में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की हृदयविदारक घटना सामने आई है। देर रात जब परिवार के सभी सदस्य घर में गहरी नींद में थे, उसी दौरान छात्रा ने अज्ञात कारणों से गले में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सुबह इस दर्दनाक घटना का पता चलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही डींडोली पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने प्राथमिक तौर पर आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है। आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों, रिश्तेदारों और छात्रा के शैक्षणिक परिवेश से जुड़े लोगों से पूछताछ कर हर पहलू से जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि छात्रा पढ़ाई में होशियार थी और भविष्य को लेकर किसी तरह की परेशानी की बात सामने नहीं आई है। ऐसे में आत्महत्या के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गौरतलब है कि गुजरात में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने हाल ही में कड़े निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और निजी कोचिंग संस्थानों में मेंटल हेल्थ पॉलिसी लागू करना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही छात्रों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने और मानसिक दबाव को समय रहते पहचानने के निर्देश दिए गए हैं।
डींडोली की यह घटना एक बार फिर छात्र मानसिक स्वास्थ्य, परीक्षा दबाव और सामाजिक अपेक्षाओं पर गंभीर मंथन की जरूरत को उजागर करती है।