प्रस्तुत होगी -राजा खुफू के पिरामिड के भीतर की एक ‘नयी पुरातात्विक खोज ‘ 2026 में !

प्रसिद्ध मिस्रविद (इजिप्टोलॉजिस्ट) डॉ. जाही हवास ने घोषणा की है कि राजा खुफू के पिरामिड के भीतर की एक ‘नयी पुरातात्विक खोज ‘ वर्ष 2026 में दुनिया के सामने प्रस्तुत की जाएगी।

शारजाह (यूएई), 9 नवंबर 2025 ! प्रसिद्ध मिस्रविद (इजिप्टोलॉजिस्ट) डॉ. जाही हवास ने घोषणा की है कि राजा खुफू के पिरामिड के भीतर की एक ‘नयी पुरातात्विक खोज ‘ वर्ष 2026 में दुनिया के सामने प्रस्तुत की जाएगी।

उन्होंने बताया कि यह उल्लेखनीय खोज 30 मीटर लंबे एक गलियारे से संबंधित है, जिसे उन्नत स्कैनिंग तकनीकों की मदद से खोजा गया है। यह गलियारा एक सीलबंद द्वार तक पहुँचाता है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि यह प्राचीन मिस्री इतिहास के एक अध्याय को नये सिरे से लिख सकता है।

डॉ. हवास ने यह घोषणा 44वें शारजाह अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में एक बातचीत सत्र के दौरान की। इस सत्र में उन्होंने अपनी वैज्ञानिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले उनकी रूचि कानून की पढ़ाई करने में हुई थी, लेकिन बाद में जीवनभर के लिए मिस्री सभ्यता के अध्ययन के प्रति समर्पित जुनून में बदल गयी। इसी जुनून ने उन्हें प्राचीन मिस्री सभ्यता के कई रहस्यों को उजागर करने में सक्षम बनाया।

डॉ. जाही हवास ने ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम के बारे में भी बात की, जिसे उन्होंने दुनिया के सबसे महान संग्रहालयों में से एक बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि इसके उद्घाटन को मिली व्यापक अंतरराष्ट्रीय चर्चा का कारण तुतनखामुन से संबंधित 5,000 कलाकृतियों का संग्रह है, जिन्हें पहली बार पूर्ण रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करता हूँ, जब आप इस संग्रहालय का दौरा करेंगे, तो आपको महानता का एक अद्वितीय अनुभव होगा।”
पुरातत्वविद् और मिस्र के पूर्व पुरातत्व मंत्री डॉ. हवास ने यह भी बताया कि रडार तकनीकों ने पिरामिडों के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। रडार के माध्यम से कई खाली स्थानों और गलियारों का पता लगाया गया, जबकि पिरामिडों के अंदरूनी भाग की सफाई के लिए रोबोट का उपयोग किया गया।