नई दिल्ली, 1 जनवरी 2025 ! नियोक्ताओं, नियोक्ता संघों और राज्य सरकारों से प्राप्त अभ्यावेदन को ध्यान में रखते हुए, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा शुरू की गई नियोक्ता और कर्मचारी पंजीकरण प्रोत्साहन योजना (SPREE 2025), जो 1 जुलाई 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक लागू थी, को एक माह के लिए बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 तक कर दिया गया है।
SPREE योजना को ईएसआई कॉरपोरेशन की 196वीं बैठक के दौरान मंज़ूरी दी गई थी, जो शिमला में आयोजित हुई थी और जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने की थी। इस योजना का उद्देश्य ईएसआई अधिनियम के तहत सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाना है।
यह योजना अब तक अपंजीकृत नियोक्ताओं और कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व देनदारियों या दंडात्मक कार्रवाई के ईएसआई ढांचे का हिस्सा बनने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है।
SPREE 2025 के तहत, जो नियोक्ता और कर्मचारी पहले ईएसआई के अंतर्गत पंजीकृत नहीं थे, वे निर्धारित अवधि के भीतर स्वेच्छा से पंजीकरण करा सकते हैं और उन्हें पिछली अवधि से जुड़ी देनदारियों से राहत मिलेगी।
यह योजना कर्मचारियों को किसी भी निरीक्षण से गुज़रे बिना या पिछली बकाया राशि अथवा रिकॉर्ड से जुड़ी किसी मांग का सामना किए बिना ईएसआई ढांचे का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करती है।
इस विस्तार के साथ, नियोक्ताओं को ईएसआईसी, श्रम सुविधा और एमसीए पोर्टल के माध्यम से अपने व्यवसाय और कर्मचारियों का डिजिटल रूप से पंजीकरण कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। एक विज्ञप्ति में कहा गया कि पंजीकरण नियोक्ता द्वारा निर्दिष्ट तिथि से प्रभावी होगा।
जो प्रतिष्ठान पहले पंजीकृत नहीं थे, वे भी नई समय-सीमा के भीतर पंजीकरण कराने पर पिछले अंशदान की कोई मांग नहीं, कोई निरीक्षण नहीं और पूर्व रिकॉर्ड की आवश्यकता नहीं जैसे प्रावधानों का लाभ उठा सकेंगे।
हालाँकि, यदि कोई नियोक्ता SPREE योजना के तहत मिलने वाले लाभों का उपयोग नहीं करता है और अपने प्रतिष्ठान का ईएसआई योजना के अंतर्गत पंजीकरण नहीं कराता, तो ऐसे प्रतिष्ठान को जनवरी 2026 के बाद पिछली अवधि के अंशदान के साथ-साथ क्षतिपूर्ति और ब्याज का भुगतान करना होगा, इसके अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई और दंड भी लागू होंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘SPREE 2025 के 31 जनवरी, 2026 तक विस्तार से भारत में स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार के प्रति ईएसआईसी की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। यह कदम हाल ही में लागू किए गए सामाजिक सुरक्षा संहिता के उद्देश्यों और लक्ष्यों के अनुरूप है ।‘