केरल में भीषण आग से मछुआरों की नावें जलीं !

केरल के कोल्लम स्थित अष्टमुदी झील में नावों के लंगर डालने वाले स्थान पर रविवार तड़के भीषण आग लग गई, जिसमें दस से अधिक मछली पकड़ने वाली नावें जलकर नष्ट हो गईं।

कोल्लम (केरल), 7 दिसंबर 2025 ! केरल के कोल्लम स्थित अष्टमुदी झील में नावों के लंगर डालने वाले स्थान पर रविवार तड़के भीषण आग लग गई, जिसमें दस से अधिक मछली पकड़ने वाली नावें जलकर नष्ट हो गईं।

सूत्रों के अनुसार आग लगभग रात 2:30 बजे कुरेपुझा चर्च के पास, अय्यनकोविल मंदिर के नज़दीक भड़की। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। हालाँकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

आग की शुरुआत कैसे हुई, इसका सही कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। शुरुआती रिपोर्ट और स्थानीय निवासियों के अनुसार, आग लगने की शुरुआत एक नाव पर कुकिंग गैस सिलेंडर फटने के बाद हुई। अधिकारियों के मुताबिक, नावों पर रखे गैस सिलेंडर आग लगने के बाद फट गए, जिससे आग और भी भड़क गई।

स्थानीय लोगों ने आग को 1:30 बजे के आसपास देखा था। निवासियों ने बताया कि एक ही कतार में बंधी लगभग 14 नावें आग की चपेट में आ गईं। आग को और फैलने से रोकने के लिए, लोगों ने जलती हुई नावों को खोलकर झील में धकेल दिया। इस हादसे में कुल मिलाकर, नौ नावें और एक फाइबर बोट पूरी तरह नष्ट हो गईं, जबकि कुछ अन्य नावें डूब भी गईं।

इस भीषण आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन दल की तेजी से कार्रवाई की गई। अग्निशमन और बचाव दल की छह इकाइयाँ तुरंत मौके पर पहुँची और सुबह 7 बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। हालाँकि निवासियों ने आरोप लगाया है कि खराब सड़क कनेक्टिविटी के कारण दमकल की गाड़ियों के पहुँचने में देरी हुई। यह भी सामने आया कि हाल के दिनों में यह इस क्षेत्र में तीसरी ऐसी आग दुर्घटना है।कोल्लम के जिला कलेक्टर एन. देवदास ने घटना की जाँच के आदेश दिए हैं।

नष्ट हुई नावें मुख्य रूप से स्थानीय मछुआरों की थीं। एक स्थानीय निवासी लॉरेंस की नाव सहित अधिकांश नावें तिरुवनंतपुरम के पोझियूर के मछुआरों की थीं, जिन्होंने चुनाव से पहले मछली पकड़ने के काम से छुट्टी लेते हुए अपनी नावें यहाँ बाँध रखी थीं। कई क्षतिग्रस्त नावें कथित रूप से कोलाचल और पूवार के मछुआरों की बताई जा रही हैं।

इस दुर्घटना ने कई परिवारों की आजीविका पर गंभीर असर डाला है। मछुआरों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।