नेपाल में पिता की पहचान के बिना बच्चों को माँ के नाम पर नागरिकता प्रमाणपत्र !

नेपाल ने पिता की पहचान के बिना बच्चों को माँ के नाम पर नागरिकता प्रमाणपत्र प्राप्त करने में आ रही कानूनी बाधाओं को दूर कर दिया है। नए प्रावधान के तहत, जिन मामलों में पिता की पहचान उजागर नहीं की गई है, ऐसे व्यक्ति को माँ के नाम पर नागरिकता प्रमाणपत्र मिलेगा। यह व्यवस्था नेपाल नागरिकता (चौथा संशोधन) विनियम, 2082 को मंजूरी दिए जाने के बाद लागू होगी।

काठमांडू (नेपाल), 10 जनवरी २०२6 ! नेपाल ने पिता की पहचान के बिना बच्चों को माँ के नाम पर नागरिकता प्रमाणपत्र प्राप्त करने में आ रही कानूनी बाधाओं को दूर कर दिया है। नए प्रावधान के तहत, जिन मामलों में पिता की पहचान उजागर नहीं की गई है, ऐसे व्यक्ति को माँ के नाम पर नागरिकता प्रमाणपत्र मिलेगा। यह व्यवस्था नेपाल नागरिकता (चौथा संशोधन) विनियम, 2082 को मंजूरी दिए जाने के बाद लागू होगी।
नेपाल गजट में नेपाल नागरिकता (चौथा संशोधन) विनियम के प्रकाशन के साथ ही नागरिकता अधिनियम, 2063 के इस प्रावधान को अब लागू किया जा सकता है। इससे पहले, सितंबर 2025 में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नेपाल नागरिकता अधिनियम, 2063 बीएस में संशोधन के लिए लाए गए नेपाल नागरिकता (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2082 को प्रमाणीकरण प्रदान किया था। इस संशोधन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि यदि पिता की पहचान अज्ञात हो, तो व्यक्ति मां के नाम पर नागरिकता प्राप्त कर सके।
प्राकृतिक नागरिकता के संबंध में, विनियमों में कहा गया है कि किसी नेपाली महिला नागरिक से विदेश में जन्मा बच्चा, जो स्थायी रूप से नेपाल में निवास करता हो, उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राकृतिक नागरिकता प्रदान की जा सकती है, बशर्ते उस बच्चे ने पिता के माध्यम से किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त न की हो।
विनियमों में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि पिता की मृत्यु हो चुकी हो, पिता बच्चे को नागरिकता प्राप्त करने में सहयोग न कर रहा हो, या पिता किसी अन्य व्यक्ति से विवाह कर चुका हो, तो ऐसी स्थिति में भी बच्चा मां के नाम पर नागरिकता प्राप्त करने का पात्र होगा।