
बांदीपुर-नागरहोल टाइगर रिज़र्व में अंतिम सफारी यात्रा को रद्द किये जाने के निर्देश ।
कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांद्रे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बांदीपुर-नागरहोल टाइगर रिज़र्व में शाम 6 बजे के बाद जाने वाली अंतिम सफारी यात्रा को रद्द किया जाए।
बेंगलुरु, 30 अक्टूबर 2025 ! कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांद्रे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बांदीपुर-नागरहोल टाइगर रिज़र्व में शाम 6 बजे के बाद जाने वाली अंतिम सफारी यात्रा को रद्द किया जाए।
27 अक्टूबर को जारी एक पत्र में खांद्रे ने कहा कि किसानों के संगठनों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि सफारी वाहनों की रोशनी और शोर के कारण जंगली जानवर जंगल से बाहर आ रहे हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है। खांद्रे ने कहा कि सफारी न केवल पर्यावरणविदों के लिए वन्यजीवों के बारे में एक शैक्षिक अनुभव है, बल्कि यह कई लोगों के लिए आजीविका का साधन भी है। उन्होंने कहा, “इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करते हुए मौजूदा सफारी यात्राओं में से एक यात्रा को कम किया जाए, यानी 28 अक्टूबर से अंतिम सफारी यात्रा रद्द की जाए।”
कर्नाटक पर्यटन विभाग की वेबसाइट के अनुसार, नागरहोल नेशनल पार्क मैसूर पठार (कर्नाटक) और नीलगिरी पर्वतमाला (तमिलनाडु) के बीच स्थित है। यह 640 वर्ग किलोमीटर में फैला एक अभयारण्य है, जो समृद्ध वन्यजीव विविधता का घर है।
राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान कर्नाटक का एक महत्वपूर्ण टाइगर रिज़र्व (Tiger Reserve) है और “प्रोजेक्ट टाइगर” तथा “प्रोजेक्ट एलीफेंट” के तहत एक प्रमुख संरक्षण केंद्र है। यह अभयारण्य दुनिया में एशियाई हाथियों के सबसे बड़े झुंड का घर है और यहाँ असँख्य पक्षियों, वनस्पतियों और जीवों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें बड़े शिकारी जीव, सरीसृप, गऊर, हिरण, भालू और कई छोटे वन्यजीव शामिल हैं।
नागरहोल नेशनल पार्क में बड़ी सँख्या में जंगली कुत्ते, तेंदुए और भालू भी पाए जाते हैं। यहाँ अक्सर देखे जाने वाले शाकाहारी जीवों में जंगली गऊर, जंगली सूअर, सांभर हिरण, काला हिरण (Antelope), चीतल और कई पक्षियों की प्रजातियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, नागरहोल नेशनल पार्क में सागौन (Teak) और रोज़वुड (Rosewood) के पेड़ों का समृद्ध संग्रह भी पाया जाता है।
