
जयपुर ITAT रिश्वतकांड में बड़ा खुलासा: न्यायिक सदस्य सहित चार गिरफ्तार, CBI ने करोड़ों का भ्रष्टाचार रैकेट तोड़ा !
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT), जयपुर के एक एकाउंटेंट सदस्य को एक ऐसे मामले की जाँच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है, जिसमें लंबित अपीलों के निपटारे में कथित रूप से एक संगठित नेटवर्क की संलिप्तता की जाँच की जा रही है।
जयपुर , 28 नवंबर 2025 ! आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT), जयपुर में चल रहे कथित करोड़ों रुपये के रिश्वतकांड में CBI ने बड़ा खुलासा करते हुए अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में ITAT की ज्यूडिशियल मेंबर एस. सीतलक्ष्मी, वकील राजेंद्र सिसोदिया, , जिन्हें ₹5.5 लाख की रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया गया, अपीलकर्ता मुज्जम्मिल ,जो कथित तौर पर रिश्वत देने की प्रक्रिया में शामिल था तथा ITAT के अकाउंटेंट कमलेश राठौड़ शामिल हैं, जिसके घर से ₹20 लाख नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
पिछले तीन दिनों में चलाए गए अभियान के दौरान, सीबीआई ने ₹1.30 करोड़ से अधिक नकद, लेनदेन रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की हैं, जो एक संगठित सिंडिकेट के अस्तित्व की ओर संकेत करती हैं।
सूत्रों के अनुसार, CBI को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि ITAT के कुछ अधिकारियों और वकीलों के बीच मिलकर टैक्स अपीलों के निपटारे में भारी रिश्वत ली जा रही है। जाँच में यह भी पाया गया कि कई मामलों में “ड्राफ्ट आदेश” पहले वकील को भेजे जाते थे, जिसके बाद रिश्वत तय होने पर अंतिम फैसला सुनाया जाता था। यह मॉडस ऑपरेन्डी सीधे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और निर्णयों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
CBI द्वारा जयपुर सहित कई स्थानों पर की गई छापेमारी में 1 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, हवाला नेटवर्क से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और कई केस फाइलें बरामद की गईं। सीबीआई के अनुसार, 26 नवंबर को जयपुर स्थित एकआरोपी के आवास पर तलाशी के दौरान लगभग ₹20 लाख नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। बरामदगी के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद, उसे 27 नवंबर 2025 को अदालत में पेश किया गया। पत्रिका के अनुसार, इस आरोपी अकाउंटेंट का नाम कमलेश राठौड़ बताया है जिसके आवास से ₹20 लाख नकद मिलने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया।
जैसा कि ऊपर उल्लेख है, वकील राजेंद्र सिसोदिया को ₹5.5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। NDTV राजस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, अपीलकर्ता मुज्जम्मिल भी इस रैकेट का सक्रिय हिस्सा था और लेन-देन की प्रक्रिया में शामिल था। CBI ने बताया कि इस नेटवर्क में अधिकारियों, वकीलों और बाहरी लोगों का संगठित गठजोड़ काम कर रहा था, जो मामला निपटाने के नाम पर बड़ी रकम वसूलते थे।
CBI अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह मामला अभी प्रारंभिक चरण में है और आगे की जाँच में अधिक गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है। एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल चैट के जरिए पूरे रैकेट की गहराई तक जाँच कर रही है।
विभिन्न विश्वसनीय मीडिया स्रोतों , यथा, NDTV राजस्थान, ANI, अमर उजाला, टाइम्स ऑफ इंडिया, द इकोनॉमिक टाइम्स और पत्रिका ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है।
