नयी दिल्ली, 26 नवंबर 2025 ! पटियाला हाउस कोर्ट ने आज, बुधवार को बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख द्वारा दायर उस याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने दिसंबर में होने वाले संसद सत्र में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल देने की मांग की थी। वह एनआईए द्वारा दर्ज एक आतंकवादी मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने अब्दुल राशिद शेख के वकील और एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजक की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। एनआईए के वकील ने कहा कि एजेंसी को आरोपी के संसद सत्र में हिरासत में रहते हुए शामिल होने पर कोई आपत्ति नहीं है।
अब्दुल राशिद शेख की ओर से अधिवक्ता विख्यात ओबेरॉय और निशिता गुप्ता पेश हुए और उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा लागत से जुड़े मुद्दे पर आने वाले आदेश के अनुसार अनुमति दी जाती है, तो उन्हें आरोपी को कस्टडी पैरोल देने पर कोई आपत्ति नहीं है।
दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने आदेश 27 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया।
बारामूला के सांसद ने 1 दिसंबर से शुरू होने वाले संसद सत्र में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत या बिना लागत वाले कस्टडी पैरोल की मांग की थी। उन्हें / उसे पहले भी संसद सत्रों में शामिल होने और सांसद चुने जाने के बाद शपथ लेने के लिए कस्टडी पैरोल दी गई थी। उसे इस वर्ष उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के लिए भी संसद भेजा गया था।
अब्दुल राशिद शेख जम्मू-कश्मीर के बारामूला से सांसद हैं। संसद सत्र में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल की लागत (खर्च) में संशोधन करने संबंधी उनकी याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है। 7 नवंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय की विभाजन पीठ ने उनकी याचिका पर भिन्न मत (स्प्लिट वर्डिक्ट) दिया था। अब यह मामला एकल-न्यायाधीश पीठ के समक्ष लंबित है।