
एनएमसी ने खारिज किया वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव: एमबीबीएस सीटें ऑल-इंडिया कोटा में शामिल करने की अनुमति नहीं !
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस, कटरा, द्वारा भेजे गए उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें कॉलेज ने अपनी 100 प्रतिशत एमबीबीएस सीटों को ऑल-इंडिया कोटा (AIQ) के तहत मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के माध्यम से भरने की अनुमति मांगी थी। यह निर्णय एमबीबीएस दाखिले को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद आया है।
नई दिल्ली, 29 नवम्बर 2025 ! नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस, कटरा, द्वारा भेजे गए उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें कॉलेज ने अपनी 100 प्रतिशत एमबीबीएस सीटों को ऑल-इंडिया कोटा (AIQ) के तहत मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के माध्यम से भरने की अनुमति मांगी थी। यह निर्णय एमबीबीएस दाखिले को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद आया है।
एनएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि यह कदम मौजूदा नीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “हम किसी एक संस्थान को अलग-थलग करके उसकी 100 प्रतिशत सीटें MCC को नहीं दे सकते, क्योंकि सरकार की नीतियों के अनुसार एक निश्चित प्रतिशत सीटें मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) को और एक हिस्सा राज्य काउंसलिंग को जाता है।” अधिकारी के अनुसार, संस्थान का यह प्रस्ताव वर्तमान नियमों और नीति ढांचे के अनुरूप नहीं है। हम किसी एक सँस्था के लिए अलग से या अव्यस्थित रूप से अपवाद नहीं बना सकते। यदि हमें विशेष रूप से इस सँस्थान के लिए कोई निर्णय लेना हो, तो नीतिगत संशोधन की आवश्यकता होगी। जब हम कोई नीति संशोधन करते हैं, तो हमें समान सँस्थानों को भी ध्यान में रखना पड़ता है। यदि नीति या प्रतिशत में बदलाव होता है, तो संस्थान प्रवेश मानदंडों में आवश्यक परिवर्तन कर सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी मानदंड को सभी राज्यों में समान रूप से स्वीकार्य होना चाहिए। हमें एक मानदंड तय करना होता है, और यह मानदंड राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के लिए भी स्वीकार्य होना चाहिए।
ध्यान रहे, इस वर्ष एमबीबीएस दाखिले को लेकर कुछ दक्षिणपंथी समूहों द्वारा मेडिकल सीटों के चयन मानदंड में बदलाव की मांग की गई है , जिसकी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई।
