सूरत. गुजरात और वह भी खास तौर पर सूरत में उत्तरायण पर्व की धूम देखने को मिलती है। यहां बड़े पैमाने पर लोग पतंगबाजी करते नजर आते है। ऐसे में शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति बनी रहे इसलिए शहर पुलिस ने कमर कस ली है। पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और आनंदमय बनाने के लिए सूरत शहर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में शहर के संवेदनशील इलाकों से लेकर मुख्य मार्गों तक कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है। करीब 260 से अधिक पुलिस अधिकारी और 2500 जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
शहर पुलिस विभाग के मुताबिक, बंदोबस्त में 363 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, 2500 पुलिसकर्मी, 800 टीआरबी जवान, 1380 होमगार्ड और एसआरपी की 5 कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा 7 क्यूआरटी, 10 डीसीबी और 10 एसओजी टीमें विशेष पेट्रोलिंग करेंगी। प्रमुख चौराहों, आवासीय क्षेत्रों और पतंगबाजी वाले इलाकों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
– सीसीटीवी, बॉडीवॉर्न कैमरे से रखेंगे चप्पे – चप्पे पर नज़र
शहर पुलिस ने आधुनिक तकनीक के सहारे 150 से अधिक टेरेस प्वाइंट्स बनाए हैं, जहां से सीधे सुपरविजन किया जाएगा। पूरे शहर में सीसीटीवी और बॉडीवॉर्न कैमरों के जरिए 24 घंटे सर्विलांस रहेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पीसीआर वैन, 112 सेवा और बाइक पेट्रोलिंग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
– जनता से अपील, सुरक्षा में सहयोग करें
पुलिस ने नागरिकों से पतंग उड़ाते समय सावधानी बरतने, बच्चों को बड़ों की निगरानी में छत पर रखने और मोबाइल रील या सेल्फी के चक्कर में जोखिम न लेने की अपील की है। साथ ही, किसी की भावनाएं आहत करने वाले नारे या गीत न बजाने की भी हिदायत दी गई है।
– चाइनीज डोर पर सख्ती, अब 44 मामले दर्ज
प्रतिबंधित चाइनीज और प्लास्टिक डोर के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। अब तक 44 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। दोपहिया चालकों की गर्दन कटने की घटनाएं रोकने के लिए एनजीओ के सहयोग से 1.15 लाख से अधिक सेफ्टी बेल्ट और 18,190 सेफ्टी गार्ड बांटे गए हैं। बिना सेफ्टी गार्ड वाले दोपहिया वाहनों के फ्लाईओवर पर प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।