जम्मू-कश्मीर में पाक स्थित आतंकवादियों के सहयोगियों को ढूँढ़ने का अभियान !

जम्मू और कश्मीर पुलिस ने रामबन जिले के बनिहाल और गूल क्षेत्रों में व्यापक घेराबंदी व तलाशी अभियान (CASO) चलाया। यह अभियान जिले में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने और शांति बनाए रखने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा था। ये सभी अभियान रामबन के एस.एस.पी. अरुण गुप्ता की करीबी निगरानी में समन्वित तरीके से संचालित किए गये।

रामबन (J & K), 9 नवंबर 2025  ! जम्मू और कश्मीर पुलिस ने रामबन जिले के बनिहाल और गूल क्षेत्रों में व्यापक घेराबंदी व तलाशी अभियान (CASO) चलाया। यह अभियान जिले में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने और शांति बनाए रखने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा था। ये सभी अभियान रामबन के एस.एस.पी. अरुण गुप्ता की करीबी निगरानी में समन्वित तरीके से संचालित किए गये।

इनका उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित हो रहे  जम्मू-कश्मीर के निवासियों के रिश्तेदारों (J & K Natives Operating From Pakistan, i.e. JKNOps) की संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना तथा संदिग्ध व्यक्तियों के बैकग्राउंड की जाँच करना और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा को कड़ा करना था। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अभियानों के दौरान, पाकिस्तान से संचालित सक्रिय जम्मू-कश्मीर आधारित आतंकवादियों के रिश्तेदारों और परिचितों तथा ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) के घरों की तलाशी ली गयी। पुलिस टीमों ने अनेक परिसरों की गहन जाँच की ताकि किसी भी राष्ट्रविरोधी या अवैध गतिविधि को रोका जा सके।

इन अभियानों को रामबन पुलिस,  सेना,  सी.आर.पी.एफ. और एस.ओ.जी. इकाइयों की संयुक्त टीमों द्वारा संचालित किया गया, जिनके साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे। ये टीमें जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों को कवर कर रही थीं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये अभियान एक संगठित तरीके से चलाए गये ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

यह फिर दोहराया गया कि ऐसे अभियान क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए चल रहे निवारक और खुफिया-आधारित उपायों का हिस्सा हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि रामबन पुलिस किसी भी राष्ट्रविरोधी नेटवर्क को निष्क्रिय करने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करें और अपने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आवाजाही या व्यक्ति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करें। पुलिस ने जन साधारण को आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।