प्रधानमंत्री मोदी इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित: यह सम्मान पाने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 दिसंबर 2025 को अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव पर अदीस अबाबा, इथियोपिया  पहुँचे। एयरपोर्ट पर इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। इथियोपिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान , ‘द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया ‘ प्रदान किया।

अदीस अबाबा (इथियोपिया),17 दिसंबर 2025  ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 दिसंबर 2025 को अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव पर अदीस अबाबा, इथियोपिया  पहुँचे। एयरपोर्ट पर इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य सरकारी और पारंपरिक स्वागत समारोह हुआ। पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर पारंपरिक इथियोपियाई कॉफी समारोह में हिस्सा लिया, जो स्थानीय संस्कृति का प्रतीक है। भारतीय समुदाय और स्थानीय लोगों ने तिरंगा और स्वागत गीतों के साथ मोदी का अभिनंदन किया। इथियोपियाई प्रधानमंत्री ने खुद कार चला कर उन्हें होटल तक पहुँचाया और रास्ते में कुछ प्रमुख स्थान भी दिखाए।

इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ व्यापक द्विपक्षीय बातचीत की गई। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र: व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल साझेदारी आदि रहे। इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण समझौते (MoUs) पर सहमति बनी। पीएम मोदी ने इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित किया, जो दोनों देशों के बीच सहयोग का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने स्थानीय भारतीय समुदाय से भी मुलाकात कर उनसे बातचीत की और उनके कार्यों की सराहना की।  इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत–एथियोपिया के द्विपक्षीय रिश्तों को और अधिक मजबूत करना, रणनीतिक साझेदारी स्थापित करना, और वाणिज्यिक, तकनीकी तथा साँस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाना है।

इथियोपिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान , ‘द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया ‘  प्रदान किया। यह जानना भी रोचक होगा कि प्रधानमंत्री मोदी इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले पहले वैश्विक राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख हैं। इथियोपिया का यह सर्वोच्च सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया गया  28वाँ विदेशी राष्ट्र सम्मान है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा, “अभी-अभी मुझे इस देश का सर्वोच्च सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया ‘प्रदान किया गया है। विश्व की एक अत्यंत प्राचीन और समृद्ध सभ्यता द्वारा सम्मानित होना मेरे लिए अत्यधिक गर्व की बात है। सभी भारतीयों की ओर से मैं इस सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूँ । यह पुरस्कार उन असँख्य भारतीयों के लिए है जिन्होंने हमारी साझेदारी को आकार दिया है। ”

“इस अवसर पर, मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के प्रति भी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। पिछले महीने, जब हम दक्षिण अफ्रीका में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे, तब आपने बहुत स्नेह और आत्मीयता के साथ मुझे इथियोपिया आने का आग्रह किया था। मैं अपने मित्र, अपने भाई के इस निमंत्रण को कैसे ठुकरा सकता था? इसलिए, पहली ही उपलब्धता पर, मैंने इथियोपिया आने का निर्णय लिया,” उन्होंने जोड़ा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “यदि यह यात्रा सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया के अनुरूप होती, तो शायद इसमें काफी समय लग जाता। लेकिन आपके प्रेम और स्नेह ने मुझे मात्र 24 दिनों के भीतर यहाँ ला खड़ा किया। हम, भारत में, हमेशा यह मानते आए हैं कि शिक्षा किसी भी देश की आधारशिला है। “

अपने उद्बोधन में उन्होंने आगे कहा, “मुझे गर्व है कि इथियोपिया और भारत के संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण योगदान हमारे शिक्षकों का रहा है। इथियोपिया की महान संस्कृति ने उन्हें यहाँ आकर्षित किया और उन्हें यहाँ कई पीढ़ियों को तैयार करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आज भी, कई भारतीय संकाय सदस्य इथियोपिया के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा सँस्थानों में सेवा दे रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य उन्हीं साझेदारियों का है, जो दृष्टि और विश्वास पर आधारित होती हैं। उन्होंने कहा, “इथियोपिया के साथ मिलकर, हम ऐसी साझेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो उभरती वैश्विक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर सकें और नए अवसरों का निर्माण करें।”

प्रधानमंत्री ने  एक्स (X) पर एक पोस्ट के मध्यम से यह पुरस्कार भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित किया, “मुझे ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित किया जाना गौरव की बात है। मैं इसे भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित करता हूँ ।”