
हलाल के बारे में रेल मंत्रालय का स्पष्टीकरण !
रेल मंत्रालय ने गुरुवार को एक मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा भेजी गई एक कथित नोटिस से जुड़े मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में यह स्पष्टीकरण दिया कि मंत्रालय द्वारा ऐसे कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं जिनमें ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन का हलाल प्रमाणित होना अनिवार्य बताया गया हो।
नयी दिल्ली , 28 नवंबर 2025 ! रेल मंत्रालय ने गुरुवार को एक मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा भेजी गई एक कथित नोटिस से जुड़े मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में यह स्पष्टीकरण दिया कि मंत्रालय द्वारा ऐसे कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं जिनमें ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन का हलाल प्रमाणित होना अनिवार्य बताया गया हो।
सूत्रों के अनुसार, NHRC ने भारतीय रेल को एक शिकायत पर नोटिस जारी किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि गैर-शाकाहारी यात्रियों को केवल ‘हलाल-प्रोसेस्ड मीट’ ही परोसा जा रहा है।
रेल मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि NHRC ने भारतीय रेल को नोटिस भेजा है, जिसमें यह शिकायत की गई है कि ट्रेनों में परोसे जाने वाले गैर-शाकाहारी भोजन में केवल हलाल-प्रोसेस्ड मीट का उपयोग किया जा रहा है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि ऐसे कोई दिशा-निर्देश मौजूद नहीं हैं जिनमें ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन का हलाल प्रमाणित होना अनिवार्य बताया गया हो। रेलवे ने आगे कहा कि वह सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करता है।
रेल मंत्रालय ने कहा, “केटरिंग लाइसेंसधारी और विक्रेता भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मानकों का अनुपालन करने के लिए बाध्य हैं।” मंत्रालय ने आगे बताया कि IRCTC भी रेलवे द्वारा जारी सभी निर्देशों और दिशा-निर्देशों का पालन करता है और सभी केटरिंग सेवाओं में पूर्ण FSSAI अनुपालन सुनिश्चित करता है।
रेल मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि इसी मुद्दे पर पहले भी एक सवाल उठाया गया था और उस समय भी मंत्रालय ने अपना जवाब साझा किया था। बयान में कहा गया, “भारतीय रेल में हलाल माँस परोसे जाने का मुद्दा जुलाई 2023 में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उठाया गया था। उस समय स्पष्ट रूप से बताया गया था कि IRCTC गैर-शाकाहारी भोजन (चिकन) परोसता है, जो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 और समय-समय पर किए गए संशोधनों के मानकों के अनुरूप है।”
