गुरुग्राम, 10 नवम्बर 2025 ! गुरुग्राम में हुए एक चौंकाने वाले मामले में 17 वर्षीय छात्र ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल का इस्तेमाल कर अपने सहपाठी को गोली मार दी। आरोपी छात्र और उसका दोस्त—दोनों ही नाबालिग—हमले में शामिल पाए गये और वारदात के कुछ घंटों भीतर ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। तीनों छात्र शहर के एक अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल में सहपाठी थे।
पुलिस के अनुसार, 8 नवम्बर की रात सदर पुलिस स्टेशन को कंट्रोल रूम से फोन आया कि सेक्टर-48 स्थित एक फ्लैट में एक लड़के को गोली मार दी गयी है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और पता चला कि पीड़ित को उसके परिवार द्वारा मेदांता अस्पताल ले जाया जा चुका है।
घटनास्थल की जाँच के लिए सीन-ऑफ-क्राइम टीम, एफएसएल और फिंगरप्रिंट यूनिट को बुलाया गया। जाँच के दौरान अधिकारियों ने कमरे के अंदर मौजूद एक बॉक्स से एक पिस्तौल, एक मैगज़ीन, पाँच जिंदा कारतूस, एक इस्तेमाल किया हुआ कारतूस, और 65 जिंदा राउंड के साथ एक अतिरिक्त मैगज़ीन बरामद की।
पीड़ित की माँ के अनुसार, उसका बेटा, जो कक्षा 11 का छात्र है, को 8 नवम्बर को एक स्कूल मित्र ने बुलाया था। वह उसे मिलने के लिए लगातार ज़ोर दे रहा था। कहा जाता है कि जब पीड़ित ने मना किया, तो मित्र ने कहा कि वह खुद उसे लेने आ जाएगा। इस पर लड़का अंततः उससे मिलने के लिए खेड़की दाऊला टोल प्लाज़ा के पास गया।
आरोपी लड़के ने पीड़ित को सेक्टर-48 में स्थित एक किराए के फ्लैट में ले गया, जहाँ उसका एक और मित्र पहले से मौजूद था, और फिर कथित रूप से उसे जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। माँ ने यह भी बताया कि दो महीने पहले दोनों लड़कों के बीच झगड़ा हुआ था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कर जाँच शुरू की। कुछ ही घंटों में दोनों नाबालिग संदिग्धों को गुरुग्राम से पकड़ लिया गया।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि तीनों लड़के—पीड़ित और दोनों आरोपी—एक ही स्कूल में पढ़ते थे और कक्षा 11 के सहपाठी थे। मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसके पिता, जो एक प्रॉपर्टी डीलर हैं, के पास घर में लाइसेंसी पिस्तौल रखी होती है, जिसे उसने चुपके से निकालकर वारदात को अंजाम दिया।
पीड़ित अभी भी गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
गुरुग्राम पुलिस ने सभी हथियार धारकों से अपील की है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपने लाइसेंसी हथियार बच्चों की पहुँच से पूरी तरह दूर रखें।