सूरत के उद्योगपति पियूष देसाई की “हीराबा नो खमकार” के तहत बेटियों की शिक्षा के साथ किसानों के लिए भी बड़ी पहल

आज 551 और बेटियों को मिली मदद, अब तक कुल 1102 लाभार्थी

असमय बारिश से प्रभावित 7500 किसानों को ₹7,500 की आर्थिक सहायता देने की पियूष देसाई की घोषणा

सूरत। बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया “हीराबा नो खमकार” अभियान अब जनअभियान का रूप लेता जा रहा है। सूरत के प्रसिद्ध उद्योगपति पियूषभाई भूराभाई देसाई द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर शुरू की गई इस पहल के तहत अब तक 551 बेटियों को शैक्षणिक सहायता दी गई थी। वहीं, आज और 551 बेटियों को सहयोग प्रदान किया गया, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या  बढ़कर 1102 हो गई है।

इसी कार्यक्रम में पियूष देसाई ने किसानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि असमय बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए वे 7,500 किसानों को प्रत्येक को ₹7,500 की आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे।

सूरत चैंबर ऑफ कॉमर्स में धनतेरस के शुभ अवसर पर आयोजित इस समारोह में प्रत्येक बेटी को ₹7,500 की शैक्षणिक सहायता दी गई। इस प्रकार अब तक कुल ₹41,32,500 की राशि वितरित की जा चुकी है। समारोह के दौरान बेटियों और उनके माता-पिता के चेहरों पर खुशी और गर्व की झलक साफ दिखाई दी।

पियूषभाई देसाई ने कहा, “बेटियों को शिक्षा देना राष्ट्र के भविष्य को मजबूत बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है। हीराबा के आशीर्वाद से यह यज्ञ निरंतर आगे बढ़ाने का मेरा संकल्प है।” उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत कुल 21,000 बेटियों तक शैक्षणिक सहायता पहुंचाने और इसके लिए ₹1,575 करोड़ की राशि वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

कार्यक्रम में उपस्थित उद्योगपतियों, समाजसेवियों और शिक्षाप्रेमियों ने पियूषभाई देसाई की इस अनूठी पहल की सराहना की और इसे समाज के अन्य उद्योगपतियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

उल्लेखनीय है कि पियूषभाई देसाई मूल रूप से बनासकांठा जिले के नाणोटा गांव के निवासी हैं और वर्तमान में सूरत में टेक्सटाइल, बिल्डिंग और फाइनेंस क्षेत्र में सफल व्यवसाय कर रहे हैं। बावजूद इसके, समाजसेवा की भावना से शुरू किया गया “हीराबा नो खमकार” अभियान उनके जीवन का सबसे संतोषजनक और अर्थपूर्ण कार्य बन गया है।