
उत्तराखंड: लक्सर कोर्ट ले जाते समय गैंगस्टर पर गोलीबारी, एम्स ऋषिकेश में भर्ती !
उत्तराखंड के रूड़की जेल में गैंगस्टर एक्ट के तहत बंद कुख्यात अपराधी विनय त्यागी पर बुधवार को एक सनसनीखेज हमले में गोली चलाई गई। यह घटना उस समय हुई, जब हरिद्वार के लक्सर न्यायालय में पेशी के लिए पुलिस हिरासत में ले जाते समय अज्ञात हमलावरों ने उस पर फायरिंग की।
ऋषिकेश, 25 दिसंबर 2025 ! उत्तराखंड के रूड़की जेल में गैंगस्टर एक्ट के तहत बंद कुख्यात अपराधी विनय त्यागी पर बुधवार को एक सनसनीखेज हमले में गोली चलाई गई। यह घटना उस समय हुई, जब हरिद्वार के लक्सर न्यायालय में पेशी के लिए पुलिस हिरासत में ले जाते समय अज्ञात हमलावरों ने उस पर फायरिंग की।
रुड़की कारागार में बंद पश्चिमी यूपी के हिस्ट्रीशीटर मेरठ निवासी कुख्यात बदमाश विनय त्यागी की लक्सर ए.सी.जे.एम. कोर्ट में पेशी थी। इस दौरान ओवर ब्रिज पर पहुँचते ही पुलिस का वाहन जाम में फँस गया। वहीं बाइक सवार बदमाशों ने गाड़ी पर गोलियाँ बरसा दी।
हमले में विनय त्यागी को गोली लग गई। वाहन में मौजूद दो पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। वारदात को अंजाम देकर नकाबपोश बदमाश भीड़ के बीच हथियार लहराते हुए फरार हो गए। फायरिंग की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुँचे। चारों तरफ नाकाबंदी कर पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है।
जानलेवा हमले के बाद विनय त्यागी को गंभीर हालत में एम्स, ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। सुरक्षा को लेकर चिंताओं के मद्देनज़र पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी है।
हमले के बाद गैंगस्टर की बेटी तन्वी त्यागी ने एम्स ऋषिकेश में बातचीत के दौरान बताया कि पहले से ही त्यागी की जान को खतरे का अंदेशा था, क्योंकि उन्हें लगातार उससे संबंध तोड़ने के लिए “परेशान और दबाव में” रखा जा रहा था। तन्वी त्यागी ने कहा,“आज सुबह करीब 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच मेरे पिता को गोली मारी गई, जब वह पुलिस हिरासत में थे और रिमांड की तारीख के लिए अदालत ले जाए जा रहे थे। हमें पता था कि उनकी जान खतरे में है, क्योंकि हमारे पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा था। हमें उनसे मिलने के लिए भी मना किया जा रहा था।”
उन्होंने आगे बताया, ”आज उनकी रिमांड की तारीख थी। हमें अंदेशा था कि कुछ ऐसा हो सकता है, इसलिए हमने अदालत में सुरक्षा के लिए एक आवेदन दिया था, जिसे न्यायाधीश ने मंजूरी भी दे दी थी। न्यायाधीश ने आदेश पारित किया और ईमेल भेजा, फैक्स किया और फोन भी किया। उन्होंने कहा था कि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा दी जानी चाहिए। लेकिन आज उनके साथ जो हुआ, वह सबके सामने है।”
तन्वी त्यागी ने यह भी दावा किया कि न्यायाधीश ने पुलिस को फोन कर उनके पिता का बयान दर्ज करने के लिए कहा था, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उनकी हालत बयान देने लायक नहीं है। उन्होंने कहा,“मैं कुछ समय पहले उनसे मिली थी। हालाँकि वह ठीक नहीं थे, लेकिन ऐसी स्थिति में थे कि अपना बयान दे सकते थे।”

