
सूरत में सीएम के कार्यक्रम से पहले ‘पोस्टर वॉर’, पाटीदार हॉस्टल की FSI को लेकर AAP का हमला
लेउवा पाटीदार समिति के ‘राजस्वी सम्मान समारोह’ से पहले शहर में लगे विरोधी बैनर, भाजपा मंत्रियों पर समाज के नाम पर राजनीति करने का आरोप
सूरत। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के सूरत दौरे से ठीक पहले शहर की राजनीति गरमा गई है। समस्त लेउवा पाटीदार समिति द्वारा आज शाम 5 बजे आयोजित किए जा रहे भव्य ‘राजस्वी सम्मान समारोह’ से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने शहरभर में लगे कार्यक्रम के पोस्टरों पर अपने विरोधी बैनर चिपका दिए हैं। इससे कार्यक्रम से पहले ही सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है।
इस सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटील, राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहने वाले हैं। वहीं कार्यक्रम में मंत्री जीतू वाघाणी, प्रफुल पानसेरिया, कौशिक वेकरिया और कमलेश पटेल का सम्मान प्रस्तावित है।
इसी बीच AAP द्वारा लगाए गए बैनरों में सीधे तौर पर भाजपा और सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। बैनरों में लिखा गया है— “पाटीदार समाज के नाम पर अपने राजनीतिक रोटियां सेंकते भाजपा के मंत्री”, “पटेल समाज की हॉस्टल की पेड FSI रद्द करो” और “बड़ी कंपनियों का टैक्स माफ, दान से चलने वाली संस्थाओं से वसूली क्यों?”। पार्टी का आरोप है कि सरकार जहां ‘चूना लगाने वाली’ कंपनियों के करोड़ों रुपये के टैक्स माफ कर देती है, वहीं दान और सहयोग से चलने वाली पाटीदार समाज की हॉस्टल से करीब 3 करोड़ रुपये पेड FSI के नाम पर वसूले जा रहे हैं।
विपक्ष नेता पायल साकरिया ने इस मुद्दे पर सूरत के मेयर दक्षेश मावाणी को भी घेरा है। उन्होंने कहा कि पहले सरकार द्वारा इस राशि को माफ करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में आवेदन नामंजूर कर दिया गया, जिससे समाज में नाराजगी है। साकरिया ने सवाल उठाया कि 3 लाख करोड़ रुपये के बजट वाली सरकार के लिए शैक्षणिक और सेवाभावी संस्था से 3 करोड़ की वसूली शर्मनाक है।
कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही AAP कार्यकर्ता पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार तत्काल सेवाभावी संस्थाओं को पेड FSI से राहत देने की स्पष्ट नीति बनाए। एक ओर जहां मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का सम्मान होने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह ‘पोस्टर वॉर’ पूरे सूरत में चर्चा का विषय बन गया है।
